प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई)
सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, कीट आदि से फसल के नुकसान का बीमा, सीमित प्रीमियम पर।
भारत · किसान · जाँच: अक्टूबर 2026
एक नज़र में
- किसान का प्रीमियम: खरीफ
- बीमित राशि का अधिकतम 2% (अनाज और तिलहन)
- किसान का प्रीमियम: रबी
- बीमित राशि का अधिकतम 1.5% (अनाज और तिलहन)
- वाणिज्यिक और बागवानी फसलें
- अधिकतम 5%
- सरकार का हिस्सा
- शेष प्रीमियम केंद्र और राज्य में 50:50 बँटा (पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों में 90:10)
- बुआई न हो पाना
- बीमित राशि के 25% तक का दावा
- कटाई के बाद के नुकसान
- खेत में सूखने के लिए रखी फसलों के लिए 14 दिन तक कवर
- कहाँ लागू है
- खरीफ 2026 में 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में
कौन आवेदन कर सकता है
- फसल में बीमायोग्य हित रखने वाले किसान, जिनमें बटाईदार और पट्टेदार किसान भी शामिल हैं, बशर्ते आपके राज्य के माँगे गए भूमि या पट्टे के कागज़ात हों।
- ऋणी किसान (सक्रिय फसल ऋण या केसीसी वाले) बैंक के माध्यम से नामांकित होते हैं। गैर-ऋणी किसान स्वेच्छा से नामांकन कर सकते हैं।
आवेदन कैसे करें
- अपने राज्य की उस फसल की अंतिम तारीख़ से पहले बैंक, कॉमन सर्विस सेंटर या आधिकारिक पीएमएफबीवाई वेबसाइट या ऐप से नामांकन करें।
- प्रीमियम भरें और रसीद व पॉलिसी नंबर सँभालकर रखें।
- फसल को नुकसान हो तो तुरंत सूचना दें, और अपनी पॉलिसी में सूचना की सही समय-सीमा अपने बैंक या बीमा कंपनी से पूछें।
आमतौर पर ज़रूरी दस्तावेज़
- आधार
- ज़मीन या पट्टे के कागज़ात
- बैंक खाते का विवरण
- बोई गई फसल का विवरण
PMFBY official website पर जाएँ ↗
जानने योग्य बातें
- बिहार ने रबी 2026–27 मौसम से पीएमएफबीवाई फिर से लागू करने का निर्णय लिया है। हमें रबी नामांकन की तारीख़ों की कोई आधिकारिक बिहार अधिसूचना नहीं मिली, इसलिए कोई तारीख़ नहीं दी गई। अपने बैंक, सीएससी या ज़िला कृषि कार्यालय से पूछें।
- कवर नहीं: युद्ध, परमाणु जोखिम, दंगे, चोरी, लापरवाही और अन्य रोके जा सकने वाले जोखिम, फसल-चक्र के बाहर का नुकसान, और उस मौसम के लिए अधिसूचित न किए गए क्षेत्रों की फसलें।
- अंतिम तारीख़ चूकने पर उस मौसम का कवर नहीं मिलता।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पीएम फसल बीमा योजना क्या है?
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई): फसल बीमा, जिसमें किसान बीमित राशि का अधिकतम 1.5% से 5% देता है और बाकी सरकार देती है।
पीएम फसल बीमा योजना के लिए कौन पात्र है?
फसल में बीमायोग्य हित रखने वाले किसान, जिनमें बटाईदार और पट्टेदार किसान भी शामिल हैं, बशर्ते आपके राज्य के माँगे गए भूमि या पट्टे के कागज़ात हों। ऋणी किसान (सक्रिय फसल ऋण या केसीसी वाले) बैंक के माध्यम से नामांकित होते हैं। गैर-ऋणी किसान स्वेच्छा से नामांकन कर सकते हैं।
पीएम फसल बीमा योजना के तहत क्या मिलता है?
सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, कीट आदि से फसल के नुकसान का बीमा, सीमित प्रीमियम पर।
पीएम फसल बीमा योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
अपने राज्य की उस फसल की अंतिम तारीख़ से पहले बैंक, कॉमन सर्विस सेंटर या आधिकारिक पीएमएफबीवाई वेबसाइट या ऐप से नामांकन करें। प्रीमियम भरें और रसीद व पॉलिसी नंबर सँभालकर रखें। फसल को नुकसान हो तो तुरंत सूचना दें, और अपनी पॉलिसी में सूचना की सही समय-सीमा अपने बैंक या बीमा कंपनी से पूछें।
स्रोत
जानकारी अक्टूबर 2026 को इन स्रोतों से जाँची गई:
यह आधिकारिक स्रोतों से सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं। SaveItIndia कोई सरकारी वेबसाइट नहीं है। योजनाएँ बदलती रहती हैं, इसलिए आवेदन से पहले राशि, तारीख़ें और पात्रता आधिकारिक पोर्टल पर या अपने बैंक से पक्की कर लें।
यह पेज अंग्रेज़ी मूल का अनुवाद है। यदि कोई अंतर हो, तो अंग्रेज़ी पेज और आधिकारिक स्रोत ही सही माने जाएँ। अंग्रेज़ी पेज पढ़ें →